PVCHR initiative supported by EU

Reducing police torture against Muslim at Grass root level by engaging and strengthening Human Rights institutions in India

Monday, January 27, 2014

28 जनवरी, 2014

सेवा में,

श्रीमान् अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली।

 

विषय:- उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़, थाना-क्वार्सी में कुछ दबगो द्वारा महिला व उसकी 11 साल की बच्ची के साथ दुराचार का प्रयास सम्बंधित प्रकरण में पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने के बाद भी कोई कार्यवाही न करने के सम्बंध में।

 

महोदय,

आपको अवगत कराना है कि पीडिता रानी उम्र-40 वर्ष, पत्नी-शाहिद उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़, थाना-क्वार्सी में शहंशाबाद-जमालपुर गली न0-10 की निवासिनी है। पीडिता का पति शाहिद एक पडोसी लडकी के अपहराण के झुठे केस में जेल में बन्द है। पीडिता इस झुठे केस की जांच हेतु FIR दर्ज करायी थी, जिससे उसके पडोसी उससे खार खाये हुए थे। दिनांक 10 फरवरी, 2013 को दोपहर 02:00 बजे पडोसी युवक जिसमें कप्तान पुत्र-दिलशाद, दिलशाद और अन्य सहयोगी शामिल थे, पीडिता के घर में घुस कर केस वापस लेने पर दबाव बनाने लगे। पीडिता द्वारा इसका विरोध करने पर उसके साथ बदसुलकी व छेडखानी करने लगे। उसी समय उसकी 11 वर्षीय बेटी माँ के बचाव हेतु आयी तो अभियुक्तों ने उसके माँ के बचाव हेतु आयी तो अभियुक्तों ने उसके भी कपउे उतार दिये व बलात्कार का प्रयास किये महिला द्वारा शोर मचाने की कोशिश पर तमंचा सटाते हुए उसे अश्लील सीडी बनाने की धमकी दिये तथा अभद्रता पूर्वक के मारते-पिटते चले गये।

पीडिता ने इस घटना की जानकारी थाना क्वार्सी के दी तो पुलिस ने जिला अस्पताल पर उसका मेडिकल करा रिपोर्ट दर्ज कर लिया उसके बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की।

अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए पुलिस प्रशासन को तथ्यों की छानबीन कर पीडिता के जान-माल की सुरक्षा हेतु संरक्षण प्रदान करने व उक्त अभियुक्तों के खिलाफ उचित कार्यवाही का आदेश देने की कृपा करें |

 

 

संलग्नक :

1.      पीडिता के बयान की कापी

2.      पीडिता द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अलीगढ़ को दिए गए प्रार्थना पत्र की कापी

 

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333


Please visit:
 
 

Fwd: उत्तर प्रदेश के जिला-मेरठ, थाना-सरधना में एक युवक की हत्या सम्बंधित प्रकरण में पीडि़त द्वारा FIR दर्ज कराने के बाद भी कोई गम्भीर कार्यवाही न होने व आरोपी द्वारा पीड़ित परिवार को धमकी देने के सम्बंध में



---------- Forwarded message ----------
From: anup srivastava <minority.pvchr@gmail.com>
Date: 2014-01-27
Subject: उत्तर प्रदेश के जिला-मेरठ, थाना-सरधना में एक युवक की हत्या सम्बंधित प्रकरण में पीडि़त द्वारा FIR दर्ज कराने के बाद भी कोई गम्भीर कार्यवाही न होने व आरोपी द्वारा पीड़ित परिवार को धमकी देने के सम्बंध में
To: akpnhrc@yahoo.com, ionhrc@nic.in, jrlawnhrc@hub.nic.in, covdnhrc@nic.in
Cc: Lenin Raghuvanshi <pvchr.india@gmail.com>, "Dr. Lenin Raghuvanshi" <lenin@pvchr.asia>, minority.pvchr.india@blogger.com


27 जनवरी, 2014  

सेवा में,

श्रीमान् अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली।

 

विषय:- उत्तर प्रदेश के जिला-मेरठ, थाना-सरधना में एक युवक की हत्या सम्बंधित प्रकरण में पीडि़त द्वारा FIR दर्ज कराने के बाद भी कोई गम्भीर कार्यवाही न होने व आरोपी द्वारा पीड़ित परिवार को धमकी देने के सम्बंध में।

 

महोदय,

आपको अवगत कराना है कि पीडि़त शहाबुद्दीन पुत्र-बशीर उत्तर प्रदेश में जिला-मेरठ, थाना-सरधना के खिर्वा जलालपुर का निवासी है जो वर्तमान में म0सं0-123 लक्खीपुरा अहमद नगर गली नम्बर- 18 थाना-लिसाडी गेट में रह रहा है। दिनांक 12 अगस्त, 2013 को 3:45 PM पर पीडि़त के भाई लियाकत को मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन पुत्र-रफीक निवासी-समयपुर खुरानी, थाना-सरधना, जिला-मेरठ कोई जरुरी काम बताकर अपने साथ ले गया उस समय लियाकत के पास लाइसेन्स बन्दुक भी थी काफी रात तक जब लियाकत वापस नही आया तो पीडि़त व परिजन उसे ढुढना आरम्भ किये। उसी समय रात 11:30 बजे एक सफेद रंग की गाड़ी से लियाकत का शव निचे उतारा गया तथा कुछ युवक गाड़ी से बाहर आये जिनमें मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन पुत्र-रफीक, फारुख पुत्र-साबिर, निसार व इकराम पुत्रगण मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन निवासी-समयपुर खुरानी, थाना-सरधना, जिला-मेरठ शामिल थे। लियाकत के परिजन को धमकी देते हुए मुँह बन्द रखने को कहा व कोई भी कानुनी कार्यवाही पर उनका भी यही हाल कर देने की दबीश देते हुए चले गये।

मृतक लियाकत की मिठाई की दुकान है जिसमें 2 दिन पहले उक्त अभियुक्तों के साथ कुछ कहासुनी हुई थी। पीडि़त ने इन घटना की सूचना सरधना थाने पर दी तो पुलिस रात्री के 02:00 बजे शव के पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया तथा 13 अगस्त, 2013 को उक्त अभियुक्तों के खिलाफ अपराध सं0-414/13 302, 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया तथा मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन को नौ दिनों तक हिरासत में रखा गया। अभी सरधना थाना पुलिस शहाबुद्दीन पर मुकदमा वापस लेने हेतु दबाव बना रही है तथा अभियुक्त के खिलाफ कोई कठोर कार्यवाही से आनाकानी कर रही है। अभियुक्त पीडि़त को भी जान से मारने की धमकी देते  है।

मृतक लियाकत के 9 बच्चें पत्नी शाहजहाँ है जो अब असहाय व भूखमरी के कगार पर आ चुके है अभियुक्त के भय से ये दहशतग्रस्त जीवन व्यतीत कर रहे है।

अतः आपसे निवदेन है कि उपर्युक्त प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन को अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के साथ पीडितो के जान माल की सुरक्षा करने व मृतक के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करवाने हेतु आदेश देने की कृपा करें।

 

 

संलग्नक :

1.      FIR की कापी |

2.      अखबार की कापी |

 

 


भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333 



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उत्तर प्रदेश के जिला-मेरठ, थाना-सरधना में एक युवक की हत्या सम्बंधित प्रकरण में पीडि़त द्वारा FIR दर्ज कराने के बाद भी कोई गम्भीर कार्यवाही न होने व आरोपी द्वारा पीड़ित परिवार को धमकी देने के सम्बंध में

27 जनवरी, 2014  

सेवा में,

श्रीमान् अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली।

 

विषय:- उत्तर प्रदेश के जिला-मेरठ, थाना-सरधना में एक युवक की हत्या सम्बंधित प्रकरण में पीडि़त द्वारा FIR दर्ज कराने के बाद भी कोई गम्भीर कार्यवाही न होने व आरोपी द्वारा पीड़ित परिवार को धमकी देने के सम्बंध में।

 

महोदय,

आपको अवगत कराना है कि पीडि़त शहाबुद्दीन पुत्र-बशीर उत्तर प्रदेश में जिला-मेरठ, थाना-सरधना के खिर्वा जलालपुर का निवासी है जो वर्तमान में म0सं0-123 लक्खीपुरा अहमद नगर गली नम्बर- 18 थाना-लिसाडी गेट में रह रहा है। दिनांक 12 अगस्त, 2013 को 3:45 PM पर पीडि़त के भाई लियाकत को मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन पुत्र-रफीक निवासी-समयपुर खुरानी, थाना-सरधना, जिला-मेरठ कोई जरुरी काम बताकर अपने साथ ले गया उस समय लियाकत के पास लाइसेन्स बन्दुक भी थी काफी रात तक जब लियाकत वापस नही आया तो पीडि़त व परिजन उसे ढुढना आरम्भ किये। उसी समय रात 11:30 बजे एक सफेद रंग की गाड़ी से लियाकत का शव निचे उतारा गया तथा कुछ युवक गाड़ी से बाहर आये जिनमें मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन पुत्र-रफीक, फारुख पुत्र-साबिर, निसार व इकराम पुत्रगण मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन निवासी-समयपुर खुरानी, थाना-सरधना, जिला-मेरठ शामिल थे। लियाकत के परिजन को धमकी देते हुए मुँह बन्द रखने को कहा व कोई भी कानुनी कार्यवाही पर उनका भी यही हाल कर देने की दबीश देते हुए चले गये।

मृतक लियाकत की मिठाई की दुकान है जिसमें 2 दिन पहले उक्त अभियुक्तों के साथ कुछ कहासुनी हुई थी। पीडि़त ने इन घटना की सूचना सरधना थाने पर दी तो पुलिस रात्री के 02:00 बजे शव के पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया तथा 13 अगस्त, 2013 को उक्त अभियुक्तों के खिलाफ अपराध सं0-414/13 302, 504 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया तथा मुसद्दी उर्फ फइमुद्दीन को नौ दिनों तक हिरासत में रखा गया। अभी सरधना थाना पुलिस शहाबुद्दीन पर मुकदमा वापस लेने हेतु दबाव बना रही है तथा अभियुक्त के खिलाफ कोई कठोर कार्यवाही से आनाकानी कर रही है। अभियुक्त पीडि़त को भी जान से मारने की धमकी देते  है।

मृतक लियाकत के 9 बच्चें पत्नी शाहजहाँ है जो अब असहाय व भूखमरी के कगार पर आ चुके है अभियुक्त के भय से ये दहशतग्रस्त जीवन व्यतीत कर रहे है।

अतः आपसे निवदेन है कि उपर्युक्त प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए प्रशासन को अभियुक्तों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने के साथ पीडितो के जान माल की सुरक्षा करने व मृतक के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता मुहैया करवाने हेतु आदेश देने की कृपा करें।

 

 

संलग्नक :

1.      FIR की कापी |

2.      अखबार की कापी |

 

 


भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

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Sunday, January 26, 2014

उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़़, थाना-कोतवाली में एक युवक के घर में कुछ शराबी दबंगों द्वारा घुसकर युवक की हत्या का प्रयास सम्बंधित प्रकरण में FIR दर्ज होने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने के सम्बंध में।

27 जनवरी, 2014  

सेवा में,

श्रीमान् अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली।

 

विषय:- उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़़, थाना-कोतवाली में एक युवक के घर में कुछ शराबी दबंगों द्वारा घुसकर युवक की हत्या का प्रयास सम्बंधित प्रकरण में FIR दर्ज होने के बाद भी कोई कार्यवाही न होने के सम्बंध में।


महोदय,

आपको अवगत कराना है कि पीडि़त मोहम्मद शफीक पुत्र-श्री मोहम्मद सिद्धिक उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़, थाना-कोतवाली के मुहल्ला आतिश बाजान ऊपर कोट का निवासी है। कुछ दिन पहले कुछ दबंगों द्वारा जिसमें खुर्शीद, वशीर, वरीद, हमीद, अनीश पुत्र-रईस पहलवान आदि शामिल थे। शराब के नशे में मुहल्ले की गली में हड़कम्प मचाया जा रहा था। इसकी सूचना पीडि़त द्वारा 100 नम्बर पर पुलिस को देने से उक्त अभियुक्तों केा थाना-कोतवाली में बन्द कर दिया गया। तभी से अभियुक्त पीडि़त से खार खाये हुए थे। बदले की भावना में दिनांक 14 जनवरी, 2013 को रात्रि 8:00 बजे उक्त अभियुक्त पीडि़त के घर में घुसकर गाली-गलौच, मार-पीट तथा पीडि़त की बेटी के साथ छेड़खानी करने लगें।

पीडि़त द्वारा विरोध करने पर इन्होने पीडि़त के गले में रस्सी बांधकर गला घोटने का प्रयास किया पीडि़त की बेटी के गुहार पर मुहल्ले वालों ने पीडि़त की जान बचायी। इस प्रकार उक्त अभियुक्त पीडि़त को किसी भी प्रकार जान से मारने की धमकी देते हुए चले गये। पीडि़त ने इस घटना के थाना-कोतवाली पुलिस को अवगत कराया जिस पर पुलिस ने पीडि़त का मेडिकल करवा FIR दर्ज कर लिया। परन्तु पुलिस इस प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। अभियुक्त खुले आम निडर घुम रहे है तथा पीडि़त पर केस वापस लेने का दबाव डालते हुए उसे व उसके परिवार को बर्वाद कर जान से मारने की धमकी दे रहे है। प्रशासन से बराबर दहशग्रस्त है तथा पुलिस प्रशासन से बराबर न्याय की गुहार लगाते -लगाते हताश हो चुका है।

अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए पुलिस प्रशासन को पीडि़त व उसके परिवार की जान माल की सुरक्षा मुहैया कराने तथा उक्त अभियुक्त के खिलाफ उचित कार्यवाही हेतु निर्देश देने की कृपा करें।

 

 

संलग्नक :

1.      FIR की कापी

2.      अखबार में छपी खबर की कापी

 

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति,

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी,

+91-9935599333



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उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़, थाना-देहलीगेट में हिस्ट्रीशीटर द्वारा केवल आपरेटर के ऊपर जान लेवा हमला करने के बावजूद पुलिस द्वारा धारा 302 में FIR दर्ज न कराना व हिस्ट्रीशीटर का साथ देने के सम्बंध में।

27 जनवरी, 2014

सेवा में,

श्रीमान् अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली।


विषय:- उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़, थाना-देहलीगेट में हिस्ट्रीशीटर द्वारा केवल आपरेटर के ऊपर जान लेवा हमला करने के बावजूद पुलिस द्वारा धारा 302 में FIR दर्ज न कराना व हिस्ट्रीशीटर का साथ देने के सम्बंध में।


महोदाय,

आपको अवगत कराना है कि पीडि़त अनवर पुत्र-स्व0 रफीक उत्तर प्रदेश के जिला-अलीगढ़ थाना-देहलीगेट के मामुदनगर का निवासी है। पीडि़त केबिल आपरेटर है। दिनांक 06 अप्रैल, 2013 को भोर में 04:00 बजे जिसमें शमशाद पुत्र-इब्राहिम व अन्य पीडि़त के घर आये जिनका पीडि़त से केवल के पैसों को लेकर विवाद  चल रहा है। युवकों के आने से पीडि़त घर के बाहर निकला तो वे पीडि़त के मूँह में कपड़े डालकर खेतों में ले गये वहाँ पर उसे मारा-पिटा व चाकू, ब्लेड से उसके ऊपर वार करने लगे। जिससे पीडि़त लहुलुहान हो वहीं गिर पड़ा उक्त अभियुक्त उसे मृत समझ फरार हो गये। मुहल्ले के कुछ युवकों द्वारा पीडि़त का मलखान सिंह अस्पताल में उपचार करवाया गया।

उसी दिन पीडि़त ने घटना की जानकारी थाना देहलीगेट पर देते हुए धारा 307 के तहत FIR दर्ज करवा दिया। परन्तु पुलिस ने इस धारा को परिवर्तित कर 324 लगा दिया। फिर भी इस प्रकरण पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। जबकि पीडि़त द्वारा तहरीर SSP और सम्बंधित थानाध्यक्ष को भी दी गयी। अभियुक्त शमशाद के ऊपर कई धाराओं पर मुकदमा चल रहा है और यह शातिर किस्म का हिस्ट्रीशीटर है। इसके खिलाफ थाना-देहलीगेट में हिस्ट्रीशीटर संख्या- 162 पंजीकृत है। फिर भी पुलिस इन्ही अभियुक्तों का साथ दे रही है और किसी भी कानूनी कार्यवाही से आनाकानी कर रही है। आये दिन उक्त अभियुक्त पीडि़त पर मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे है जिससे पीडि़त अत्यन्त भयभीत व प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते-लगाते निराश हो चुका है।

अतः आपसे निवेदन है कि इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए पीडि़त के जान-माल की सुरक्षा तथा अभियुक्तों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही धारा 302 के तहत कार्यवाही का निर्देश पुलिस प्रशासन को देने की कृपा करें। साथ ही मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की कृपा करे |

 

संलग्नक :

1.       FIR की कापी

2.       अखबार में छपी खबर की कापी

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति,

सा 4/2 ए दौलतपुर,वाराणसी

+91-9935599333



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