PVCHR initiative supported by EU

Reducing police torture against Muslim at Grass root level by engaging and strengthening Human Rights institutions in India

Friday, July 19, 2013

नशे में धुत दरोगा और सिपाहियों ने मोहम्मद अली के ग्राम ढकिया जुम्मा मोहम्मद जमापुर, थाना-कुन्दरकी, जिला-मुरादाबाद के ईंट भट्टे पर भोर में घुसकर मजदूरों को मारने व महिला से छेड़छाड़ करने के सन्दर्भ में |

सेवा में,                                                  19 जुलाई, 2013

श्रीमान अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली |


विषय : नशे में धुत दरोगा और सिपाहियों ने मोहम्मद अली के ग्राम ढकिया जुम्मा मोहम्मद जमापुर, थाना-कुन्दरकी, जिला-मुरादाबाद के ईंट भट्टे पर भोर में घुसकर मजदूरों को मारने व महिला से छेड़छाड़ करने के सन्दर्भ में |


महोदय,

            आपको यह अवगत कराना है कि ग्राम मिलक सीकरी निवासी मोहम्मद अली पुत्र हाजी मुन्नन थाना कुन्दरकी, तहसील बिलारी, जिला मुरादाबाद का ईंट भट्टा ग्राम ढकिया जुम्मा मोहम्मद जमापुर में स्थित है | दिनांक 23 मई, 2013 को को भोर में करीब 3:00 बजे थाना कुन्दरकी इंचार्ज अनिल कुमार मिश्रा व कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार व अन्य तीन कांस्टेबल के साथ मोहम्मद अली के ईंट भट्टे पर पहुंचे | सभी पुलिस कर्मी नशे में बुरी तरह धुत थे | सभी पुलिसकर्मी भट्टे में बने कार्यालय में घुस गए | उस कार्यालय में उस समय भट्टे का चौकीदार फुरकान अपनी पत्नी फूलजहां के साथ सो रहा था | पुलिस वालो ने कार्यालय में घुसते ही फुरकान को उठा लिया और गंदी-गंदी गालियाँ देने लगे, जब फुरकान की पत्नी फूलजहां ने गाली देने से मना किया तो उसके साथ अभद्रता करने लगे और उसे भी गंदी-गंदी गाली देने लगे | फुरकान को दो पुलिस वालो ने पकड़ लिया और दो पुलिस वाले उसकी टांगो पर बेंत से मारने लगे | यह देखकर भट्टे पर काम करने वाले अन्य तीन मजदूर इल्यास, सायं अली और शाकिर ने भी पुलिस की इस पिटाई का विरोध किया तो पुलिस वालो ने इन तीनो को भी पकड़कर इनकी टांगो पर भी बेंत से मारने लगे | काफी देर तक इन चारो को मारने के बाद पुलिस वालो ने उन्हें जीप में डालकर थाना कुन्दरकी ले जाने लगे | तभी एक मजदूर ने फोन से इस घटना की सूचना भट्टे के मालिक को दी और पुलिस वाले से बोला कि मालिक से बात करले इस पर पुलिस वाले ने फुरकान के हाथ पर इतनी जोर से डंडा मारा कि मोबाईल गिर गया | मोबैल उठाकर एस आई अनिल कुमार मिश्रा ने भट्टा मालिक को भी गंदी-गंदी गालिया दी | पुलिस वालो इन उन चारो मजदूरों को कुन्दरकी थाने से पहले ही एक बाग़ के पास घायल अवस्था में फेक दिया |

इसके बाद भट्टा मालिक 10-15 अन्य मजदूरों को लेकर वहां पहुँचा और उन सभी को लेकर थाना कुन्दरकी पहुँचा तो थाने में उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गयी | जिसपर भट्टा मालिक के साथ आये अन्य मजदूरों ने हंगामा करने लगे जिस पर सी ओ सी पी सिंह वहा पहुचकर मजदूरों की समस्या सुनी तथा कार्यवाही का आश्वासन दिया | लेकिन पुलिस ने कोइ कार्यवाही नहीं की | पुरे दिन उन मजदूरों को थाने में ही बैठाए रखा | न ही उन लोगो का मेडिकल करवाया और न ही रिपोर्ट दर्ज की |

अतः आपसे निवेदन है कि इस मामले को संज्ञान में लेते हुए दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कराते हुए न्यायोचित कदम उठाये और घायल मजदूरों को मुआवजा दिलाया जाय |


संलग्नक :

1.      थानाध्यक्ष महोदय को दी गयी शिकायत की कापी |

2.      अखबार में छपी खबर की छाया प्रति |

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगारानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी,

+91-9935599333 



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Wednesday, July 17, 2013

उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |

सेवा में,                                             18 जुलाई, 2013

श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय,

कुशीनगर |


विषय : उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |


महोदय,

      आपको यह अवगत कराना है कि उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में कुल आबादी 6000 है जिसमे मुस्लिमो की आबादी 200 है | 1974 में हिन्दू ने एक जमीन का बैनामा कराया था | जिस जमीन से बिलकुल सटा हुआ मस्जिद है जिसमे रास्ते को लेकर विवाद हुआ तो 1976 में कोर्ट ने 20 फुट रास्ते को छोड़कर निर्माण कार्य दोनों पक्ष करेंगे |

      लेकिन दिनांक 16 जुलाई, 2013 को दोपहर में उसी जमीन माली द्वारा उस 20 फुट रास्ते पर कब्जा करना शुरू किया | जिसका विरोध मुस्लिम समुदाय के लोगो ने किया | विवाद की सुचना पर ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह ने विवाद को सुलझा दिया और दोनों पक्ष 20 फुट रास्ते की बात पर राजी हो गए | लेकिन ग्राम प्रधान के चले जाने के बाद ब्रिजेश तिवारी द्वारा पुनः हिन्दुओ को भड़काकर रास्ते पर कब्जा कराना शुरू कर दिया | जब मुसलमानों ने पुनः इसका विरोश किया तो हिन्दुओ ने मुस्लिमो पर पथराव करना शुरू कर दिया | इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी और कस्या थाने से पुलिस आयी | पुलिस ने किसी की कोइ बात नहीं सुनी और मुस्लिम समुदाय के लोगो को मार पीट कर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया | लडकियों व महिलाओं के साथ भी हाथा पाई और छेड़\छाड़ किया |

      पुलिस ने मोहम्मद हदीस पुत्र अलीशेर उम्र 35 वर्ष, अलीशेर पुत्र रमजान उम्र 80 वर्ष, वशीर अंसारी पुत्र सलीम उम्र 28 वर्ष, हाबिद पुत्र इदरीश उम्र 16 वर्ष, मुस्तफा पुत्र सलीम उम्र 17, इस्लाम पुत्र अलीशेर उम्र 50 वर्ष और हमीद पुत्र इस्लाम उम्र 20 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया उअर थाने ले जाने लगे लेकिन थाने ले जाने से पहले रास्ते में एक जगह पर रोककर सभी को नंगा करके बहुत मार मारा |

      इसके बाद पुलिस उन लोगो को लेकर थाने गयी वहां पर भी उन्हें धर्मगत गालियाँ दिया | चूँकि इस समय मुस्लिमो का रोज़ा चल रहा है इसलिए उनके नमाज पढ़ने और रोज़ा खोलने का एक निश्चित समय होता है | जब इन लोगो ने नमाज पढ़ने और रोजे खोलने की बात पुलिस के सामने राखी तब पुलिस ने इन लोगो को गालिया देने लगे और चुप करा दिया जिससे इन लोगो की नमाज और रोज़ा दोनों छूट गया | पुलिस ने उन लोगो को रात भर थाने में बैठाए रखा |

      अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस द्वारा विवाद में केवल एक पक्ष को ही गिरफ्तार क्यों किया व उनके साथ मार-पीट की धार्मिक आधार पर भेद-भाव क्यों किया इस बात की जांच कराते हुए दोषी अन्य समुदाय के लोगो कि भी गिरफ्तारी व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करे |

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी,

+91-9935599333   

 

 

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उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |

सेवा में,                                             18 जुलाई, 2013

श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय,

उत्तर-प्रदेश |


विषय : उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |


महोदय,

      आपको यह अवगत कराना है कि उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में कुल आबादी 6000 है जिसमे मुस्लिमो की आबादी 200 है | 1974 में हिन्दू ने एक जमीन का बैनामा कराया था | जिस जमीन से बिलकुल सटा हुआ मस्जिद है जिसमे रास्ते को लेकर विवाद हुआ तो 1976 में कोर्ट ने 20 फुट रास्ते को छोड़कर निर्माण कार्य दोनों पक्ष करेंगे |

      लेकिन दिनांक 16 जुलाई, 2013 को दोपहर में उसी जमीन माली द्वारा उस 20 फुट रास्ते पर कब्जा करना शुरू किया | जिसका विरोध मुस्लिम समुदाय के लोगो ने किया | विवाद की सुचना पर ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह ने विवाद को सुलझा दिया और दोनों पक्ष 20 फुट रास्ते की बात पर राजी हो गए | लेकिन ग्राम प्रधान के चले जाने के बाद ब्रिजेश तिवारी द्वारा पुनः हिन्दुओ को भड़काकर रास्ते पर कब्जा कराना शुरू कर दिया | जब मुसलमानों ने पुनः इसका विरोश किया तो हिन्दुओ ने मुस्लिमो पर पथराव करना शुरू कर दिया | इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी और कस्या थाने से पुलिस आयी | पुलिस ने किसी की कोइ बात नहीं सुनी और मुस्लिम समुदाय के लोगो को मार पीट कर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया | लडकियों व महिलाओं के साथ भी हाथा पाई और छेड़\छाड़ किया |

      पुलिस ने मोहम्मद हदीस पुत्र अलीशेर उम्र 35 वर्ष, अलीशेर पुत्र रमजान उम्र 80 वर्ष, वशीर अंसारी पुत्र सलीम उम्र 28 वर्ष, हाबिद पुत्र इदरीश उम्र 16 वर्ष, मुस्तफा पुत्र सलीम उम्र 17, इस्लाम पुत्र अलीशेर उम्र 50 वर्ष और हमीद पुत्र इस्लाम उम्र 20 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया उअर थाने ले जाने लगे लेकिन थाने ले जाने से पहले रास्ते में एक जगह पर रोककर सभी को नंगा करके बहुत मार मारा |

      इसके बाद पुलिस उन लोगो को लेकर थाने गयी वहां पर भी उन्हें धर्मगत गालियाँ दिया | चूँकि इस समय मुस्लिमो का रोज़ा चल रहा है इसलिए उनके नमाज पढ़ने और रोज़ा खोलने का एक निश्चित समय होता है | जब इन लोगो ने नमाज पढ़ने और रोजे खोलने की बात पुलिस के सामने राखी तब पुलिस ने इन लोगो को गालिया देने लगे और चुप करा दिया जिससे इन लोगो की नमाज और रोज़ा दोनों छूट गया | पुलिस ने उन लोगो को रात भर थाने में बैठाए रखा |

      अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस द्वारा विवाद में केवल एक पक्ष को ही गिरफ्तार क्यों किया व उनके साथ मार-पीट की धार्मिक आधार पर भेद-भाव क्यों किया इस बात की जांच कराते हुए दोषी अन्य समुदाय के लोगो कि भी गिरफ्तारी व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करे |

 

भवदीय

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महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी,

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उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |

सेवा में,                                             18 जुलाई, 2013

माननीय प्रधानमंत्री महोदय,

भारत सरकार,

नई दिल्ली |


विषय : उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |


महोदय,

      आपको यह अवगत कराना है कि उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में कुल आबादी 6000 है जिसमे मुस्लिमो की आबादी 200 है | 1974 में हिन्दू ने एक जमीन का बैनामा कराया था | जिस जमीन से बिलकुल सटा हुआ मस्जिद है जिसमे रास्ते को लेकर विवाद हुआ तो 1976 में कोर्ट ने 20 फुट रास्ते को छोड़कर निर्माण कार्य दोनों पक्ष करेंगे |

      लेकिन दिनांक 16 जुलाई, 2013 को दोपहर में उसी जमीन माली द्वारा उस 20 फुट रास्ते पर कब्जा करना शुरू किया | जिसका विरोध मुस्लिम समुदाय के लोगो ने किया | विवाद की सुचना पर ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह ने विवाद को सुलझा दिया और दोनों पक्ष 20 फुट रास्ते की बात पर राजी हो गए | लेकिन ग्राम प्रधान के चले जाने के बाद ब्रिजेश तिवारी द्वारा पुनः हिन्दुओ को भड़काकर रास्ते पर कब्जा कराना शुरू कर दिया | जब मुसलमानों ने पुनः इसका विरोश किया तो हिन्दुओ ने मुस्लिमो पर पथराव करना शुरू कर दिया | इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी और कस्या थाने से पुलिस आयी | पुलिस ने किसी की कोइ बात नहीं सुनी और मुस्लिम समुदाय के लोगो को मार पीट कर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया | लडकियों व महिलाओं के साथ भी हाथा पाई और छेड़\छाड़ किया |

      पुलिस ने मोहम्मद हदीस पुत्र अलीशेर उम्र 35 वर्ष, अलीशेर पुत्र रमजान उम्र 80 वर्ष, वशीर अंसारी पुत्र सलीम उम्र 28 वर्ष, हाबिद पुत्र इदरीश उम्र 16 वर्ष, मुस्तफा पुत्र सलीम उम्र 17, इस्लाम पुत्र अलीशेर उम्र 50 वर्ष और हमीद पुत्र इस्लाम उम्र 20 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया उअर थाने ले जाने लगे लेकिन थाने ले जाने से पहले रास्ते में एक जगह पर रोककर सभी को नंगा करके बहुत मार मारा |

      इसके बाद पुलिस उन लोगो को लेकर थाने गयी वहां पर भी उन्हें धर्मगत गालियाँ दिया | चूँकि इस समय मुस्लिमो का रोज़ा चल रहा है इसलिए उनके नमाज पढ़ने और रोज़ा खोलने का एक निश्चित समय होता है | जब इन लोगो ने नमाज पढ़ने और रोजे खोलने की बात पुलिस के सामने राखी तब पुलिस ने इन लोगो को गालिया देने लगे और चुप करा दिया जिससे इन लोगो की नमाज और रोज़ा दोनों छूट गया | पुलिस ने उन लोगो को रात भर थाने में बैठाए रखा |

      अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस द्वारा विवाद में केवल एक पक्ष को ही गिरफ्तार क्यों किया व उनके साथ मार-पीट की धार्मिक आधार पर भेद-भाव क्यों किया इस बात की जांच कराते हुए दोषी अन्य समुदाय के लोगो कि भी गिरफ्तारी व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करे |

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी,

+91-9935599333   

 

 

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उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |

सेवा में,                                             18 जुलाई, 2013

माननीय मुख्यमंत्री महोदय,

उत्तर-प्रदेश शासन,

लखनऊ |


विषय : उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |


महोदय,

      आपको यह अवगत कराना है कि उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में कुल आबादी 6000 है जिसमे मुस्लिमो की आबादी 200 है | 1974 में हिन्दू ने एक जमीन का बैनामा कराया था | जिस जमीन से बिलकुल सटा हुआ मस्जिद है जिसमे रास्ते को लेकर विवाद हुआ तो 1976 में कोर्ट ने 20 फुट रास्ते को छोड़कर निर्माण कार्य दोनों पक्ष करेंगे |

      लेकिन दिनांक 16 जुलाई, 2013 को दोपहर में उसी जमीन माली द्वारा उस 20 फुट रास्ते पर कब्जा करना शुरू किया | जिसका विरोध मुस्लिम समुदाय के लोगो ने किया | विवाद की सुचना पर ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह ने विवाद को सुलझा दिया और दोनों पक्ष 20 फुट रास्ते की बात पर राजी हो गए | लेकिन ग्राम प्रधान के चले जाने के बाद ब्रिजेश तिवारी द्वारा पुनः हिन्दुओ को भड़काकर रास्ते पर कब्जा कराना शुरू कर दिया | जब मुसलमानों ने पुनः इसका विरोश किया तो हिन्दुओ ने मुस्लिमो पर पथराव करना शुरू कर दिया | इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी और कस्या थाने से पुलिस आयी | पुलिस ने किसी की कोइ बात नहीं सुनी और मुस्लिम समुदाय के लोगो को मार पीट कर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया | लडकियों व महिलाओं के साथ भी हाथा पाई और छेड़\छाड़ किया |

      पुलिस ने मोहम्मद हदीस पुत्र अलीशेर उम्र 35 वर्ष, अलीशेर पुत्र रमजान उम्र 80 वर्ष, वशीर अंसारी पुत्र सलीम उम्र 28 वर्ष, हाबिद पुत्र इदरीश उम्र 16 वर्ष, मुस्तफा पुत्र सलीम उम्र 17, इस्लाम पुत्र अलीशेर उम्र 50 वर्ष और हमीद पुत्र इस्लाम उम्र 20 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया उअर थाने ले जाने लगे लेकिन थाने ले जाने से पहले रास्ते में एक जगह पर रोककर सभी को नंगा करके बहुत मार मारा |

      इसके बाद पुलिस उन लोगो को लेकर थाने गयी वहां पर भी उन्हें धर्मगत गालियाँ दिया | चूँकि इस समय मुस्लिमो का रोज़ा चल रहा है इसलिए उनके नमाज पढ़ने और रोज़ा खोलने का एक निश्चित समय होता है | जब इन लोगो ने नमाज पढ़ने और रोजे खोलने की बात पुलिस के सामने राखी तब पुलिस ने इन लोगो को गालिया देने लगे और चुप करा दिया जिससे इन लोगो की नमाज और रोज़ा दोनों छूट गया | पुलिस ने उन लोगो को रात भर थाने में बैठाए रखा |

      अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस द्वारा विवाद में केवल एक पक्ष को ही गिरफ्तार क्यों किया व उनके साथ मार-पीट की धार्मिक आधार पर भेद-भाव क्यों किया इस बात की जांच कराते हुए दोषी अन्य समुदाय के लोगो कि भी गिरफ्तारी व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करे |

 

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सेवा में,                                             18 जुलाई, 2013

श्रीमान अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली |


विषय : उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में पुलिस द्वारा धार्मिक झगड़े में एकतरफ़ा कार्यवाही करते हुए मुस्लिम समुदाय के पुरुषो को नंगा करके पीटने व मुस्लिम महिलाओं के साथ हाथापाई व छेड़छाड़ करने व धार्मिक आधार पर भेद-भाव करने के सन्दर्भ में |


महोदय,

      आपको यह अवगत कराना है कि उत्तर-प्रदेश के गाँव-पिपराझाम, थाना-कस्या, जिला-कुशीनगर में कुल आबादी 6000 है जिसमे मुस्लिमो की आबादी 200 है | 1974 में हिन्दू ने एक जमीन का बैनामा कराया था | जिस जमीन से बिलकुल सटा हुआ मस्जिद है जिसमे रास्ते को लेकर विवाद हुआ तो 1976 में कोर्ट ने 20 फुट रास्ते को छोड़कर निर्माण कार्य दोनों पक्ष करेंगे |

      लेकिन दिनांक 16 जुलाई, 2013 को दोपहर में उसी जमीन माली द्वारा उस 20 फुट रास्ते पर कब्जा करना शुरू किया | जिसका विरोध मुस्लिम समुदाय के लोगो ने किया | विवाद की सुचना पर ग्राम प्रधान देवेन्द्र सिंह ने विवाद को सुलझा दिया और दोनों पक्ष 20 फुट रास्ते की बात पर राजी हो गए | लेकिन ग्राम प्रधान के चले जाने के बाद ब्रिजेश तिवारी द्वारा पुनः हिन्दुओ को भड़काकर रास्ते पर कब्जा कराना शुरू कर दिया | जब मुसलमानों ने पुनः इसका विरोश किया तो हिन्दुओ ने मुस्लिमो पर पथराव करना शुरू कर दिया | इसके बाद पुलिस को सूचना दी गयी और कस्या थाने से पुलिस आयी | पुलिस ने किसी की कोइ बात नहीं सुनी और मुस्लिम समुदाय के लोगो को मार पीट कर गिरफ्तार करना शुरू कर दिया | लडकियों व महिलाओं के साथ भी हाथा पाई और छेड़\छाड़ किया |

      पुलिस ने मोहम्मद हदीस पुत्र अलीशेर उम्र 35 वर्ष, अलीशेर पुत्र रमजान उम्र 80 वर्ष, वशीर अंसारी पुत्र सलीम उम्र 28 वर्ष, हाबिद पुत्र इदरीश उम्र 16 वर्ष, मुस्तफा पुत्र सलीम उम्र 17, इस्लाम पुत्र अलीशेर उम्र 50 वर्ष और हमीद पुत्र इस्लाम उम्र 20 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया उअर थाने ले जाने लगे लेकिन थाने ले जाने से पहले रास्ते में एक जगह पर रोककर सभी को नंगा करके बहुत मार मारा |

      इसके बाद पुलिस उन लोगो को लेकर थाने गयी वहां पर भी उन्हें धर्मगत गालियाँ दिया | चूँकि इस समय मुस्लिमो का रोज़ा चल रहा है इसलिए उनके नमाज पढ़ने और रोज़ा खोलने का एक निश्चित समय होता है | जब इन लोगो ने नमाज पढ़ने और रोजे खोलने की बात पुलिस के सामने राखी तब पुलिस ने इन लोगो को गालिया देने लगे और चुप करा दिया जिससे इन लोगो की नमाज और रोज़ा दोनों छूट गया | पुलिस ने उन लोगो को रात भर थाने में बैठाए रखा |

      अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस द्वारा विवाद में केवल एक पक्ष को ही गिरफ्तार क्यों किया व उनके साथ मार-पीट की धार्मिक आधार पर भेद-भाव क्यों किया इस बात की जांच कराते हुए दोषी अन्य समुदाय के लोगो कि भी गिरफ्तारी व दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ न्यायोचित कार्यवाही करने की कृपा करे |

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

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Wednesday, July 3, 2013

वाराणसी जिले के कुडी गाँव के प्रतिष्ठित व्यक्ति नियाज अहमद व अन्य निर्दोष व्यक्तियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के सम्बन्ध में

सेवा में,                                                       3 जुलाई, 2013

श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय,

वाराणसी |


विषय : वाराणसी जिले के कुडी गाँव के प्रतिष्ठित व्यक्ति नियाज अहमद व अन्य निर्दोष व्यक्तियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के सम्बन्ध में |


महोदय,

            आपको यह अवगत कराना है कि वाराणसी जिले के ग्राम-कुडी, थाना-बडागांव में 9 फरवरी, 2013 को मोहम्मद सईद उर्फ़ छेदी पुत्र स्व० जुमा मोहम्मद अपने अपने लडके मिंटू के साथ दूकान बंद कर घर जा रहे थे कि भग्गू कुम्हार के घर के पास सड़क कुडी बाज़ार के पास मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी पुत्र स्व० महमूद, गुड्डू पुत्र शौकत अली व गरीब पुत्र लाल मोहम्मद नाई, सईद को रोककर उसे गाली देने लगे व मार पीट करने लगे, जिस पर रईस उर्फ़ छेदी ने उनका विरोध किया तो उसे बन्दुक की नाल सर पर मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी ने मारा और गुड्डू ने ललकारते हुए कहा कि देख क्या रहे हो इसको गोली मार दो | इतना सुनते ही मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी ने जान से मारने की नियत से फायर कर दिया | जिससे रईस उर्फ़ छेदी गोली लगाने से घायल हो कर जमीन पर गिर पडा | यह घटना बहुत लोगो के सामने अंजाम दी गयी | बाज़ार की सभी दुकाने डर के मारे बंद होने लगी | यह घटना शाम के करीब 7:30 बजे की है |

नियाज अहमद पुत्र स्व० हफिजुल्लाह अंसारी भी उस समय बाज़ार में ही थे वे तुरन्त भागकर घटनास्थल पर पहुचे और अन्य लोगो के साथ मिलकर घायल रईस को लेकर थाने गए और वहां से लेकर पुलिस के संरक्षण में अस्पताल गए | चूँकी घायल को लेकर जो भी व्यक्ति थाने गए थे तो वहां पर पुलिस ने कहा कि सूचना लिखित में दे जिससे नियाज अहमद पुत्र स्व० हफिजुल्लाह अंसारी ने लिखकर दे दिया जिसमे 3 अभियुक्तों मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी पुत्र स्व० महमूद, गुड्डू पुत्र शौकत अली और गरीब पुत्र स्व० लाल मोहम्मद नाई, कुडी, बडागांव के खिलाफ नामजद शिकायत की जिन्होने मौके पर घटना को सभी लोगो के सामने अंजाम दिया था |

जिसके बाद पुनः 4 मई, 2013 को मोहम्मद सईद व उसका भाई बाबू अली कुडी बाज़ार में अपनी दूकान पर मौजूद थे शाम को करीब 7 बजे थे तभी मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी पुत्र स्व० महमूद व गुड्डू पुत्र शौकत अली एक मोटरसाईकिल से आये और अपने हाथ में कट्टा व छोटी बन्दूक लेकर अचनाक बाबू अली को जान से मारने की नियत से गोली चला दिए | गोली दीवाल पर लगी और उससे निकला बारूद बाबू अली के दाहिने कंधे पर लगा | जिससे बाबू अली का भाई मोहम्मद सईद घबराकर शोर मचाने लगा गोली की आवाज सुनकर आस पास के लोग इकटठा होने लगे तब मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी वे गुड्डू अपने हाथ में कट्टा व छोटी बन्दुक लहराते हुए जान से मारने की धमकी देते हुए भागे | इस घटना से बाज़ार में सभी अपनी दुकाने बंद कर भागने लगे | इसके बाद धीरे धीरे लोगो की भीड़ बाबू अली की दूकान पर जमा होने लगी और कुछ लोग उन अपराधियों को पकड़ने के लिए गाँव में जिधर वे भागे थे उधर एक झुण्ड बनाकर चल दिए | सभी ने बस्ती में जाकर घटना के विषय में बताते हुए उन लोगो को बाहर निकालने की बात कही लेकिन बस्ती के लोगो ने उन लोगो से कहा सुनी करने लगे जिससे गुस्साए लोगो ने मार पीट की और बस्ती में तोड़ फोड़ किये | जिसमे दो FIR हुआ एक मोहम्मद सईद ने जानलेवा हमला करने में मोहम्मद अली उर्फ़ छेदी पुत्र महमूद और गुड्डू पुत्र शौकत के खिलाफ किया | साथ ही दूसरा FIR आगजनी और मार पीट का शौकत ने 14 लोगो के खिलाफ किया | लेकिन इस भीड़ में नियाज पुत्र हफीजुल्ला नहीं थे फिर भी उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया | चूँकी नियाज ने पहले FIR में आवेदक के रूप में लिखित तहरीर दी थी इसलिए जान बूझ कर उन्हें फ़साने के लिए उनका नाम FIR में डाला गया | जबकि वे इलाके के मानिन्द और प्रतिष्टित व सामजिक व्यक्ति है | साथ ही FIR में अन्य निर्दोष लोगो के भी नाम जानबूझ कर डलवाया गया है |

अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इसकी निष्पक्ष जाँच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही और निर्दोष लोगो को मुक़दमे से बरी कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही का आदेश देने की कृपा करे |

 

संलग्नक :

1.       दिनांक 9 फरवरी, 2013 को दर्ज FIR की कापी |

2.       दिनांक 4 मई, 2013 को दर्ज FIR की कापी |

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333         


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