PVCHR initiative supported by EU

Reducing police torture against Muslim at Grass root level by engaging and strengthening Human Rights institutions in India

Friday, August 2, 2013

वाराणसी जिले के बडागांव थाना अंतर्गत ग्राम रामपुर के बारह वर्षीय बेसहारा बच्चे को चोरी के आरोप में नंगा कर हाथ पैर रस्सी से बांधकर सड़क के किनारे धूप में फेंकने कि घटना में फैंटम दस्ता द्वारा देखकर भी बच्चे कि मदद नही किये जाने और नंगा किये जाने को जायज ठहराने के सन्दर्भ में |



सेवा में.                    2 अगस्त, 2013

श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय,

वाराणसी,


विषय : वाराणसी जिले के बडागांव थाना अंतर्गत ग्राम रामपुर के बारह वर्षीय बेसहारा बच्चे को चोरी के आरोप में नंगा कर हाथ पैर  रस्सी से बांधकर सड़क के किनारे धूप में फेंकने कि घटना में फैंटम दस्ता  द्वारा देखकर भी बच्चे कि मदद नही किये जाने और नंगा किये जाने को जायज ठहराने के सन्दर्भ में |

 

महोदय,

वाराणसी जिले के बडागांव थाना अंतर्गत ग्राम रामपुर पोस्ट बसनी निवासी बारह वर्षीय बच्चा जिसका नाम वीरू पुत्र कयूम माँ स्व. मन्नी है | वीरू को गाँव की ही महिला मदीना द्वारा चोरी के आरोप में बुरी तरह से मार पीटकर पूरी तरह नंगा करके हाथ पैर रस्सी से कसकर बांध कर बसनी से वाराणसी राजमार्ग पर सड़क के किनारे फेंक दिया था | सड़क के किनारे बहुत भीड़ लगा था वंहा फैंटम दस्ता भी आकर रुका था यह देखकर वाराणसी कि तरफ आ रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता मंगला प्रसाद भी रुक गये | इतने में पहले से रुके फैंटम दस्ते द्वारा घटना कि जानकारी ले लिया गया था, फैंटम दस्ता यह कहते हुए निकल गये कि बच्चे ने चोरी किया है तब तो ठीक किया है जो यह बाँधा गया है आप लोग इसे थाने लेकर आइये मुकदमा दर्ज कराइए | मानवाधिकार कार्यकर्ता मंगला प्रसाद द्वारा वंहा उपस्थित ग्रामीणों से मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहाकि बच्चे को इस प्रकार बच्चे के साथ मार पिटाई और नंगाकर बाँधा जाना गैरकानूनी कार्य है आप लोग तुरंत इसे खोल दें | बहुत समझाने और कानून का भय दिखाने के बाद वंहा उपस्थित लोगो ने बच्चे को खोल दिया है | बालक वीरू कि माँ गुजर गयी है, पिता ने दूसरी शादी कर लिया है यह परिवार निहायत गरीब है, वीरू का बड़ा भाई बहुविकलांग है तथा एक बहन भी है | विदित हो कि पड़ोसी महिला मदीना से वीरू के परिवार का पुराना रंजिस और मुकदमा भी चल रहा है | इस सन्दर्भ में पूरी जानकारी वंहा आसपास खड़े ग्राम निवासियों ने दिया |
किन्तु इस घटना में जिस प्रकार महिला मदीना द्वारा बच्चे को पूरी तरह से निर्वस्त्र करके कसकर रस्सी से बाँध कर धूप में रखा गया था वह बहुत ही अमानवीय कृत्य है | वंही बडागांव में उस समय फैंटम दस्ता द्वारा भी घटना को देखकर कोई कानून के दृष्टीगत पहल नही कि गयी बल्कि कानून तोड़ने वाले अमानवीय कार्य को सही ठहराया गया |
अत: इस घटना को आप महोदय अपने संज्ञान में लेकर तथ्यगत आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करावें | पीड़ित बच्चे के साथ किशोर न्याय अधिनियम के अधीन कार्यवाही अथवा मदत किया जाये जिससे बालाधिकारों का संरक्षण हो सके

भवदीया 
श्रुति नागवंशी ( मैनेजिंग ट्रष्टी )
मानवाधिकार जननिगरानी समिति
सम्पर्क नम्बर - +919935599330

 

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वाराणसी जिले के बडागांव थाना अंतर्गत ग्राम रामपुर के बारह वर्षीय बेसहारा बच्चे को चोरी के आरोप में नंगा कर हाथ पैर रस्सी से बांधकर सड़क के किनारे धूप में फेंकने कि घटना में फैंटम दस्ता द्वारा देखकर भी बच्चे कि मदद नही किये जाने और नंगा किये जाने को जायज ठहराने के सन्दर्भ में |

सेवा में.                      2 अगस्त, 2013

श्रीमान पुलिस महानिदेशक महोदय,

उत्तर-प्रदेश,

लखनऊ

विषय : वाराणसी जिले के बडागांव थाना अंतर्गत ग्राम रामपुर के बारह वर्षीय बेसहारा बच्चे को चोरी के आरोप में नंगा कर हाथ पैर  रस्सी से बांधकर सड़क के किनारे धूप में फेंकने कि घटना में फैंटम दस्ता  द्वारा देखकर भी बच्चे कि मदद नही किये जाने और नंगा किये जाने को जायज ठहराने के सन्दर्भ में |

 

महोदय,

वाराणसी जिले के बडागांव थाना अंतर्गत ग्राम रामपुर पोस्ट बसनी निवासी बारह वर्षीय बच्चा जिसका नाम वीरू पुत्र कयूम माँ स्व. मन्नी है | वीरू को गाँव की ही महिला मदीना द्वारा चोरी के आरोप में बुरी तरह से मार पीटकर पूरी तरह नंगा करके हाथ पैर रस्सी से कसकर बांध कर बसनी से वाराणसी राजमार्ग पर सड़क के किनारे फेंक दिया था | सड़क के किनारे बहुत भीड़ लगा था वंहा फैंटम दस्ता भी आकर रुका था यह देखकर वाराणसी कि तरफ आ रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता मंगला प्रसाद भी रुक गये | इतने में पहले से रुके फैंटम दस्ते द्वारा घटना कि जानकारी ले लिया गया था, फैंटम दस्ता यह कहते हुए निकल गये कि बच्चे ने चोरी किया है तब तो ठीक किया है जो यह बाँधा गया है आप लोग इसे थाने लेकर आइये मुकदमा दर्ज कराइए | मानवाधिकार कार्यकर्ता मंगला प्रसाद द्वारा वंहा उपस्थित ग्रामीणों से मामले में हस्तक्षेप करते हुए कहाकि बच्चे को इस प्रकार बच्चे के साथ मार पिटाई और नंगाकर बाँधा जाना गैरकानूनी कार्य है आप लोग तुरंत इसे खोल दें | बहुत समझाने और कानून का भय दिखाने के बाद वंहा उपस्थित लोगो ने बच्चे को खोल दिया है | बालक वीरू कि माँ गुजर गयी है, पिता ने दूसरी शादी कर लिया है यह परिवार निहायत गरीब है, वीरू का बड़ा भाई बहुविकलांग है तथा एक बहन भी है | विदित हो कि पड़ोसी महिला मदीना से वीरू के परिवार का पुराना रंजिस और मुकदमा भी चल रहा है | इस सन्दर्भ में पूरी जानकारी वंहा आसपास खड़े ग्राम निवासियों ने दिया |
किन्तु इस घटना में जिस प्रकार महिला मदीना द्वारा बच्चे को पूरी तरह से निर्वस्त्र करके कसकर रस्सी से बाँध कर धूप में रखा गया था वह बहुत ही अमानवीय कृत्य है | वंही बडागांव में उस समय फैंटम दस्ता द्वारा भी घटना को देखकर कोई कानून के दृष्टीगत पहल नही कि गयी बल्कि कानून तोड़ने वाले अमानवीय कार्य को सही ठहराया गया |
अत: इस घटना को आप महोदय अपने संज्ञान में लेकर तथ्यगत आधार पर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही करावें | पीड़ित बच्चे के साथ किशोर न्याय अधिनियम के अधीन कार्यवाही अथवा मदत किया जाये जिससे बालाधिकारों का संरक्षण हो सके

भवदीया 
श्रुति नागवंशी ( मैनेजिंग ट्रष्टी )
मानवाधिकार जननिगरानी समिति
सम्पर्क नम्बर - +919935599330

 

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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |

सेवा में,                                        2 अगस्त, 2013

श्रीमान मुख्य चिकित्साधिकारी महोदय,

वाराणसी | 



विषय : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |


महोदय,

     आपका ध्यान दैनिक समाचार पत्र "अमर उजाला" के दिनांक 1 अगस्त व 2 अगस्त, 2013 के इस खबर "कोटवां में रहस्यमय बुखार से दो और बच्चो की मौत" की और आकृष्ट करना चाहता हूँ कि वाराणसी जिले के कोटवां खरका मोहल्ले में तीन दिन पहले से तेज बुखार के साथ रहस्यमय बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया | जिसमे दिनांक 31 जुलाई, 2013 को मोहम्मद यासीन उर्फ़ नारे के दो बच्चे छोटक उम्र 10 वर्ष और जावेद उम्र 15 वर्ष की हालत दोपहर में गंभीर हो गयी | अभी इलाज के लिए कही ले जाने का इंतजाम होता इससे पहले ही उल्टी करने के बाद ही दोनों बच्चो की मौत हो गयी | उनका पिता यासीन खुद इस बीमारी की चपेट में है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है | इसी क्रम में पुनः 1 अगस्त, 2013 को रात में मुख्तार उम्र 30 वर्ष और आठ दिन की बेबी की मौत हो गयी | अब तक दो दिनों में कुल 4 मौत हो चुकी | लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी का पता नहीं लगाया जा सका है | साथ ही वहा के निवासी स्वास्थ्य विभाग के कार्यो से संतुष्ट नहीं है और पलायन करने को मजबूर हो रहे है |

     अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इस पर त्वरित कार्यवाही का निर्देश दे साथ ही जो अन्य मरीज इस बीमारी से पीड़ित है उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए पीडितो और मृतकों को मुआवजा दिलाने की कृपा करे |


संलग्नक :

1 दैनिक अखबार "अमर उजाला" में प्रकाशित खबर |

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333



 Please visit:
 
 

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |

सेवा में,                         2 अगस्त, 2013

श्रीमान जिलाधिकारी महोदय,

वाराणसी | 



विषय : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |


महोदय,

     आपका ध्यान दैनिक समाचार पत्र "अमर उजाला" के दिनांक 1 अगस्त व 2 अगस्त, 2013 के इस खबर "कोटवां में रहस्यमय बुखार से दो और बच्चो की मौत" की और आकृष्ट करना चाहता हूँ कि वाराणसी जिले के कोटवां खरका मोहल्ले में तीन दिन पहले से तेज बुखार के साथ रहस्यमय बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया | जिसमे दिनांक 31 जुलाई, 2013 को मोहम्मद यासीन उर्फ़ नारे के दो बच्चे छोटक उम्र 10 वर्ष और जावेद उम्र 15 वर्ष की हालत दोपहर में गंभीर हो गयी | अभी इलाज के लिए कही ले जाने का इंतजाम होता इससे पहले ही उल्टी करने के बाद ही दोनों बच्चो की मौत हो गयी | उनका पिता यासीन खुद इस बीमारी की चपेट में है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है | इसी क्रम में पुनः 1 अगस्त, 2013 को रात में मुख्तार उम्र 30 वर्ष और आठ दिन की बेबी की मौत हो गयी | अब तक दो दिनों में कुल 4 मौत हो चुकी | लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी का पता नहीं लगाया जा सका है | साथ ही वहा के निवासी स्वास्थ्य विभाग के कार्यो से संतुष्ट नहीं है और पलायन करने को मजबूर हो रहे है |

     अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इस पर त्वरित कार्यवाही का निर्देश दे साथ ही जो अन्य मरीज इस बीमारी से पीड़ित है उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए पीडितो और मृतकों को मुआवजा दिलाने की कृपा करे |


संलग्नक :

1 दैनिक अखबार "अमर उजाला" में प्रकाशित खबर |

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333



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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |

सेवा में,                                2 अगस्त, 2013

माननीय प्रधानमंत्री महोदय,

भारत सरकार,

नई दिल्ली |


विषय : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |


महोदय,

     आपका ध्यान दैनिक समाचार पत्र "अमर उजाला" के दिनांक 1 अगस्त व 2 अगस्त, 2013 के इस खबर "कोटवां में रहस्यमय बुखार से दो और बच्चो की मौत" की और आकृष्ट करना चाहता हूँ कि वाराणसी जिले के कोटवां खरका मोहल्ले में तीन दिन पहले से तेज बुखार के साथ रहस्यमय बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया | जिसमे दिनांक 31 जुलाई, 2013 को मोहम्मद यासीन उर्फ़ नारे के दो बच्चे छोटक उम्र 10 वर्ष और जावेद उम्र 15 वर्ष की हालत दोपहर में गंभीर हो गयी | अभी इलाज के लिए कही ले जाने का इंतजाम होता इससे पहले ही उल्टी करने के बाद ही दोनों बच्चो की मौत हो गयी | उनका पिता यासीन खुद इस बीमारी की चपेट में है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है | इसी क्रम में पुनः 1 अगस्त, 2013 को रात में मुख्तार उम्र 30 वर्ष और आठ दिन की बेबी की मौत हो गयी | अब तक दो दिनों में कुल 4 मौत हो चुकी | लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी का पता नहीं लगाया जा सका है | साथ ही वहा के निवासी स्वास्थ्य विभाग के कार्यो से संतुष्ट नहीं है और पलायन करने को मजबूर हो रहे है |

     अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इस पर त्वरित कार्यवाही का निर्देश दे साथ ही जो अन्य मरीज इस बीमारी से पीड़ित है उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए पीडितो और मृतकों को मुआवजा दिलाने की कृपा करे |


संलग्नक :

1 दैनिक अखबार "अमर उजाला" में प्रकाशित खबर |

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333



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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |

सेवा में,                              2 अगस्त, 2013

माननीय मुख्यमंत्री महोदय,

उत्तर प्रदेश सरकार,

लखनऊ |


विषय : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |


महोदय,

     आपका ध्यान दैनिक समाचार पत्र "अमर उजाला" के दिनांक 1 अगस्त व 2 अगस्त, 2013 के इस खबर "कोटवां में रहस्यमय बुखार से दो और बच्चो की मौत" की और आकृष्ट करना चाहता हूँ कि वाराणसी जिले के कोटवां खरका मोहल्ले में तीन दिन पहले से तेज बुखार के साथ रहस्यमय बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया | जिसमे दिनांक 31 जुलाई, 2013 को मोहम्मद यासीन उर्फ़ नारे के दो बच्चे छोटक उम्र 10 वर्ष और जावेद उम्र 15 वर्ष की हालत दोपहर में गंभीर हो गयी | अभी इलाज के लिए कही ले जाने का इंतजाम होता इससे पहले ही उल्टी करने के बाद ही दोनों बच्चो की मौत हो गयी | उनका पिता यासीन खुद इस बीमारी की चपेट में है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है | इसी क्रम में पुनः 1 अगस्त, 2013 को रात में मुख्तार उम्र 30 वर्ष और आठ दिन की बेबी की मौत हो गयी | अब तक दो दिनों में कुल 4 मौत हो चुकी | लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी का पता नहीं लगाया जा सका है | साथ ही वहा के निवासी स्वास्थ्य विभाग के कार्यो से संतुष्ट नहीं है और पलायन करने को मजबूर हो रहे है |

     अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इस पर त्वरित कार्यवाही का निर्देश दे साथ ही जो अन्य मरीज इस बीमारी से पीड़ित है उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए पीडितो और मृतकों को मुआवजा दिलाने की कृपा करे |


संलग्नक :

1 दैनिक अखबार "अमर उजाला" में प्रकाशित खबर |

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333



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उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |

सेवा में,                                        2 अगस्त, 2013

श्रीमान अध्यक्ष महोदय,

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग,

नई दिल्ली |


विषय : उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले के कोटवां गाँव में रहस्यमय बुखार से 4 बच्चो की मौत के सम्बन्ध में |


महोदय,

     आपका ध्यान दैनिक समाचार पत्र "अमर उजाला" के दिनांक 1 अगस्त व 2 अगस्त, 2013 के इस खबर "कोटवां में रहस्यमय बुखार से दो और बच्चो की मौत" की और आकृष्ट करना चाहता हूँ कि वाराणसी जिले के कोटवां खरका मोहल्ले में तीन दिन पहले से तेज बुखार के साथ रहस्यमय बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया | जिसमे दिनांक 31 जुलाई, 2013 को मोहम्मद यासीन उर्फ़ नारे के दो बच्चे छोटक उम्र 10 वर्ष और जावेद उम्र 15 वर्ष की हालत दोपहर में गंभीर हो गयी | अभी इलाज के लिए कही ले जाने का इंतजाम होता इससे पहले ही उल्टी करने के बाद ही दोनों बच्चो की मौत हो गयी | उनका पिता यासीन खुद इस बीमारी की चपेट में है और उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है | इसी क्रम में पुनः 1 अगस्त, 2013 को रात में मुख्तार उम्र 30 वर्ष और आठ दिन की बेबी की मौत हो गयी | अब तक दो दिनों में कुल 4 मौत हो चुकी | लेकिन अभी तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीमारी का पता नहीं लगाया जा सका है | साथ ही वहा के निवासी स्वास्थ्य विभाग के कार्यो से संतुष्ट नहीं है और पलायन करने को मजबूर हो रहे है |

     अतः आपसे निवेदन है कि कृपया इस मामले को संज्ञान में लेते हुए इस पर त्वरित कार्यवाही का निर्देश दे साथ ही जो अन्य मरीज इस बीमारी से पीड़ित है उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराते हुए पीडितो और मृतकों को मुआवजा दिलाने की कृपा करे |


संलग्नक :

1 दैनिक अखबार "अमर उजाला" में प्रकाशित खबर |

 

 

भवदीय

डा0 लेनिन

महासचिव

मानवाधिकार जननिगरानी समिति

सा 4/2 ए दौलतपुर, वाराणसी

+91-9935599333



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